WOM GURU-His Holiness

“दिव्य जीवन आंदोलन” मानव मात्र के शरीर ,मन,मस्तिष्क और आत्मा के उत्थान का एक प्रयास है आज आध्यात्मिक उन्नति , शांति और आनंद हर व्यक्ति की ,हर परिवार की हर समाज की, हर देश की ,पूरे विश्व की जरूरत है | संत , महात्माओं ने , सनातन धर्म ने विश्व बंधुत्व ,सर्वधर्म समभाव का मार्ग दिखाया , विश्व के कल्याण को मूल में रख आध्यात्म विद्या से शांति आनंद और जीवन उत्थान का मार्ग हमें दिया । हमारी इस बेशकीमती विद्या को जन-जन तक पहुंचाने में छोटी सी भागीदारी की कोशिश है – डिवाइन लाइफ मूवमेंट। इस आंदोलन के प्रवर्तक हैं P अतुल विनोद ,वे वोम गुरु के संस्थापक हैं ।

वोम गुरु एक ऐसा संस्थान है जो आधुनिक तकनीकी प्लेटफार्म के जरिए जीवन उपयोगी डिसकोर्सेस , प्रेरणादायी कार्यक्रम व कक्षाओं के संचालन करता है । वास्तव में वोम एक विचार है एक धारा है जो हम सबको उस एक सत्य से जुड़ने की प्रेरणा देता है । WOM शब्द हिंदी के व्योम शब्द से प्रेरित है । WOM : विश्व बुद्धि , विश्व चेतना, यूनिवर्सल माइंड का भी एक पर्याय है , WOM का फुलफोर्म वर्ल्ड ऑपरेटिंग माइंड है । पंडित विनोद पाठक स्वयं को दिव्यजीवन आंदोलन का कार्यकर्ता मानते हैं । ध्यान के दौरान उन्हें अपने साथ हिरण्यगर्भ शब्द जोड़ने की प्रेरणा भी मिली ।

हिरण्यगर्भ विश्व की उत्पत्ति का स्रोत है , इच्छा ज्ञान क्रिया का मूल है । P अतुल विनोद को 15 वर्ष की उम्र तक नर्मदा किनारे बसे अपने गांव में हजारों साधु संतों के साथ सत्संग और आशीर्वाद प्राप्त करने का मौका मिला । उनके दादाजी पंडित हरि गोविंद संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे और उन्होने अपना पूरा जीवन साधु-संतों की सेवा , सदावृत व भोजन की व्यवस्था करने में लगा दिया ।बचपन मे उन्ही के साथ रहते अतुल विनोद को संतों की संगति प्राप्त हुई ।

अपने पिता आचार्य विनोद पाठक की प्रेरणा व आशीर्वाद से उन्हें आध्यात्मिक विषयो में रुचि जागृत हुई । छोटी उम्र में अतुल विनोद को सोते समय कुछ अजीब से अनुभव होते लेकिन न तो वे इन्हें पूरी तरह अभिव्यक्त कर पाते ना ही कोई उन्हें समझ पाता , इन अनुभवों को ऊपरी बाधा मानकर झाड़-फूंक भी कराई गई । उम्र बढ़ने के साथ अनुभव आना बंद होते गए । शहर में पढ़ाई के साथ छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के बाद साल 2000 में उन्होंने टीवी जर्नलिज्म में कदम रखा , 2000 से 2003 तक ओटीजी TV , 9Mile tv में काम किया | 2003 में दूरदर्शन के आंखों देखी से जुड़े , इसी दौरान सोनी टीवी के कार्यक्रम क्राइम पेट्रोल से जुड़े |

2005 में दैनिक भास्कर समूह जुड़े । 2008 में साधना टीवी समूह , 2011 में खबर भारती , 2013 से 2015 तक ZEE न्यूज़ में कार्य किया । इस दौरान उन्होंने बीबीसी वर्ल्डवाइड , कलर्स TV के सावधान इंडिया के लिए भी काम किया । 2000 से 2015 तक के अपने शुरुआती 15 वर्ष के पत्रकारिता के कैरियर में संवाददाता, ब्यूरोचीफ व संपादक जैसी भूमिका निभाते उन्होंने करीब 5000 स्टोरीज़ पर काम किया । जिनमें स्वास्थ्य , शिक्षा , रोजगार, राजनीति कला संस्कृति के साथ जन सामान्य से जुड़े विषय शामिल थे ।

अतुल विनोद ने अपने पत्रकारिता के कैरियर में अनेक यात्राओं व आम लोगों से लेकर राजनीति व अन्य क्षेत्र की शीर्ष हस्तियों से संवाद व साक्षात्कार करने का अवसर मिला जिससे विभिन्न तरह की जीवनशैली को समझने मदद मिली। उन्होंने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, सुनिल दत्त, अरुण जेटली, शिवराज सिंह, चौहान ,प्रमोद महाजन ,जावेद अख्तर ,सतीश कौशिक, नरेंद्र सिंह तोमर, दिग्विजय सिंह ,कैलाश विजयवर्गीय ,बाबा रामदेव, सुभाष चंद्रा विलासराव देशमुख ,सुनील दत्त ,डॉ बलराम जाखड़ , प्रणव मुखर्जी , अर्जुन सिंह , केएस सुदर्शन , पीए संगमा , स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, उमा भारती , गोविंदाचार्य , कपिल देव सहित देह की राजनीति, खेल , आध्यत्म , साहित्य , सिनेमा जगत की अनेक हस्तियों से 121 संवाद किया ।

2015 में एक आध्यात्मिक अनुभव ने उनके जीवन की दिशा बदल दी । इसके बाद उन्होंने अपने मूल कार्य के साथ जीवन दर्शन , योग व आध्यात्म की ओर रुख किया । वे माहयोग विद्या से जुड़े , ख़ास बात ये थी कि जैंसे जैंसे वे आगे बढ़े उन्हें सिद्धगुरुओं की कृपा , दिव्य प्रेरणा व मार्गदर्शन स्वतः ही मिलता चला गया ।

.पूर्व संस्कारों के कारण नाथ परंपरा के प्रति उनके मन में स्वाभाविक झुकाव रहा , इसके बाद उन्होंने गुरुगोरखनाथ के तप स्थली नेपाल , समाधि स्थल गोरखपुर की यात्रा भी की । आध्यात्म पिपासा में उन्होंने हिमालय के साथ देश के अनेक सिद्ध व तप स्थलों के साधना की ।

2017 में अतुल विनोद ने यू-ट्यूब के जरिए अपने अनुभव व विचारों को समाज के सामने रखना शुरू किया , हालांकि लोगों तक पहुचने के लिए शुरुआत में कुछ कम गम्भीर टॉपिक्स को भी चुना गया , वोम हाउस ने सिद्ध योग विद्या को मूल में रखकर , आंतरिक शक्ति रूपांतरण , कुंडलिनी शक्ति जागरण , प्राणशक्ति विकास पर दिसकोर्सेस व ऑडियो वीडियो कोर्स तैयार किये ताकि जो लोग आश्रमों में रहकर आध्यात्मिक विकास करने में असमर्थ हैं वे घर बैठे दिव्यजीवन की बुनियाद रख सकें व आध्यात्मिक विधाओं से अपना रूपांतरण व संपूर्ण कल्प कर सकें ।